Daily Current Affairs

Appointment


T LATHA

Dhanlaxmi Bank Limited has appointed T Latha as the Managing Director & CEO. She has taken over from G Sreeram, who has retired from the office on July 1, 2018, on completion of his tenure. Her appointment will be for a period of three years w.e.f July 2, 2018.

 


नियुक्ती


टी लता

धनलक्ष्मी बैंक लिमिटेड ने टी लता को प्रबंध निदेशक और सीईओ नियुक्त किया है। उन्होंने जी श्रीराम से पदभार संभाला है, जो 1 जुलाई, 2018 को अपने कार्यकाल को पूरा करने के बाद कार्यालय से सेवानिवृत्त हो गए हैं। उनकी नियुक्ति 2 जुलाई, 2018 से तीन साल की अवधि के लिए होगी।


Books


TWO CLASSICAL PLAYS FROM INDIA: D.P. SINHA

The Vice President of India, Shri M. Venkaiah Naidu has said that there is a need to revive Theatre and make it a prominent form of education and entertainment. He was addressing the gathering after releasing the book ‘Two Classical Plays from India’, an English translation of Hindi plays written by well-known playwright Shri D.P. Sinha.


पुस्तकें


टू क्लासिकल प्लेज फ्राम इंडिया : डी.पी. सिन्हा

उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडु ने कहा है कि थिएटर को पुनर्जीवित करने तथा इसे शिक्षा एवं मनोरंजन का एक प्रमुख रूप बनाए जाने की जरूरत है। सुविख्यात नाटककार श्री डी.पी. सिन्हा द्वारा लिखे गए हिंदी नाटकों का अंग्रेजी अनुवाद पुस्तक ‘टू क्लासिकल प्लेज फ्राम इंडिया’ का विमोचन करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे।


International


WORLD POPULATION DAY: 11 JULY

World Population day is an annual event, observed on July 11 every year, which seeks to raise awareness of global population issues. World Population Day 2018 observes the theme, “Family planning is a human right.”

Why Celebrate? World population day

World Population Day, the reason behind celebrating this day, is to draw attention of people on the issue of increasing population every second. This day was first started by the Governing Council of the United Nations Development Program (UNDP) in 1989, when the population had reached around 5 billion. According to the decision of the United Nations Governing Council, in the development program in 1989, it was decided by the recommendation of the community globally that every year 11 July will be celebrated as World Population Day.

The aim of celebrating World Population Day

  • World Population Day is to educate people to avoid unwanted pregnancies. Educating youth to avoid unwanted pregnancies, using appropriate measures.
  • Motivating people towards safe sex.
  • Explain the impact of marriage at a young age and at a higher age.
  • Enhancing public awareness about the risk of birth
  • Educating people about pregnancy related diseases.
  • Prevention of female feticide.

अन्तर्राष्ट्रीय


विश्व जनसंख्या दिवस: 11 जुलाई

विश्व जनसंख्या दिवस एक वार्षिक कार्यक्रम है, जो हर साल 11 जुलाई को मनाया जाता है, जो वैश्विक आबादी के मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाने की कोशिश करता है। विश्व जनसंख्या दिवस 2018 विषय का “परिवार नियोजन एक मानव अधिकार है।”

क्यों मनाते हैं? विश्व जनसंख्या दिवस

आज विश्व जनसंख्या दिवस है, इस दिन को मनाने के पीछे कारण ,हर सेकंड बढ़ रही आबादी के मुद्दे पर लोगों का ध्यान खींचना है। इस दिन की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की शासी परिषद द्वारा पहली बार 1989 में तब हुई जब आबादी का आंकड़ा करीब पांच बिलियन के आस-पास पहुंच गया था। संयुक्त राष्ट्र की गवर्निंग काउंसिल के फैसले के अनुसार, वर्ष 1989 में विकास कार्यक्रम में,  विश्व स्तर पर समुदाय की सिफारिश के द्वारा यह तय किया गया कि हर साल 11 जुलाई विश्व जनसंख्या दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

विश्व जनसंख्या दिवस मानाने का उद्देश्य

  • अवांछित गर्भधारण से बचने के लिए शिक्षित करना
  • युवाओं को उचित उपायों का उपयोग करके अवांछित गर्भधारण से बचने के लिए शिक्षित करना।
  • सुरक्षित यौन संबंधों के प्रति लोगों को प्रेरित करना।
  • कम उम्र और अधिक उम्र में होने वाली शादी के प्रभाव के बारे में समझाना।
  • जन्म के खतरे के बारे में जन जागरूकता बढ़ाना
  • लोगों को गर्भधारण संबंधी बीमारियों के बारे में शिक्षित करना।
  • कन्या भ्रूण हत्या से रोकना।

    National


ANDHRA PRADESH, TELANGANA AND HARYANA TOP RANKERS IN EASE OF DOING BUSINESS

Department of Industrial Policy and Promotion (DIPP), Ministry of Commerce and Industry, released the final rankings of States in Ease of Doing Business in New Delhi today. The top rankers are Andhra Pradesh, Telangana and Haryana. Jharkhand and Gujarat stood fourth and fifth respectively. DIPP, Ministry of Commerce and Industry in collaboration with the World Bank conducted an annual reform exercise for all States and UTs under the Business Reform Action Plan (BRAP). The aim of this exercise is to improve delivery of various Central Government regulatory functions and services in an efficient, effective and transparent manner.

The reform plan has expanded from 285 to 372 action points till 2017. States and UTs have conducted reforms to ease their regulations and systems in areas such as labour, environmental clearances, single window system, construction permits, contract enforcement, registering property and inspections. States and UTs have also enacted Public Service Delivery Guarantee Act to enforce the timelines on registrations and approvals.

A look at the rankings of other states

According to a statement issued by DIPP on the ranking of other states, Telangana and Haryana remained second and third respectively in this regard. In the top 10, Jharkhand ranked fourth in the top 10, Chhattisgarh sixth, Madhya Pradesh seventh, Karnataka eighth, Rajasthan on the ninth and West Bengal was at tenth place. Meghalaya remained the last 36th in the list.

How is Ranking

  • DIPP, Together with World Bank, the business of all the states and Union Territories is ranked on the basis of accessibility.
  • DIPP does this under the Business Improvement Action Plan (BRAF) for further improvement in the business sector.
  • A number of suggestions have been made in the number of suggestions suggested in the BRAP 2017.
  • A large number of states have registered significant growth. “
  • Under BRAP 2017, all the states and Union Territories have been given joint issues.
  • The basis of these combined points are two types of points ‘improvement evidence points’ and ‘feedback points’.
  • Corrective evidence points are based on the evidence provided by states and Union Territories, while feedback numbers have been decided on the basis of feedback raised from real users of the services given to traders.

    राष्ट्रिय


आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और हरियाणा कारोबार में सुगमताके मामले में शीर्ष

वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय के औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) ने आज नई दिल्‍ली में ‘कारोबार में सुगमता’ के मामले में राज्‍यों की अंतिम रैंकिंग जारी की। इस मामले में शीर्ष पायदान पर आंध्र प्रदेश, तेलंगाना एवं हरियाणा हैं। झारखंड और गुजरात ने इस मामले में क्रमश: चौथी एवं पांचवीं रैंकिंग हासिल की है। वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय के डीआईपीपी ने विश्‍व बैंक के सहयोग से ‘कारोबार सुधार कार्य योजना (बीआरएपी)’ के तहत समस्‍त राज्‍यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों के लिए वार्षिक सुधार सर्वे किया।

इस सर्वे का उद्देश्‍य दक्ष, प्रभावकारी एवं पारदर्शी ढंग से केन्‍द्र सरकार के विभिन्‍न नियामकीय कार्यकलापों एवं सेवाओं की डिलीवरी को बेहतर करना है। वर्ष 2017 तक सुधार योजना में शामिल कार्य बिन्‍दुओं की संख्‍या को 285 से बढ़ाकर 372 कर दिया गया है। राज्‍यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों ने श्रम, पर्यावरणीय मंजूरियों, एकल खिड़की प्रणाली, निर्माण परमिट, अनुबंध पर अमल, संपत्त‍ि के पंजीकरण एवं निरीक्षण जैसे क्षेत्रों में अपने नियम-कायदों एवं प्रणालियों को आसान बनाने के लिए अनेक सुधार लागू किए हैं। राज्‍यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों ने पंजीकरण एवं मंजूरियों से जुड़ी समय सीमा पर अमल के लिए सार्वजनिक सेवा डिलीवरी गारंटी अधिनियम लागू किया है।

एक नजर अन्य राज्यों की रैंकिंग पर

डीआईपीपी के इस संबंध में जारी बयान के मुताबिक तेलंगाना और हरियाणा इस मामले में क्रमश : दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। कारोबार सुगमता रैंकिंग में शीर्ष दस में झारखंड चौथे स्थान पर, गुजरात पांचवे, छत्तीसगढ़ छठे, मध्य प्रदेश सातवें, कर्नाटक आठवें, राजस्थान नौवें पर और पश्चिम बंगाल दसवें स्थान पर रहा। सूची में मेघालय आखिरी 36 वें स्थान पर रहा।

कैसे होती है रैंकिंग

  • डीआईपीपी, विश्वबैंक के साथ मिलकर देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की कारोबार सुगमता के आधार पर रैंकिंग करता है।
  • डीआईपीपी कारोबारी क्षेत्र में और सुधार लाने के लिये कारोबार सुधार कार्ययोजना (ब्रैप) के तहत यह करता है।
  • ब्रैप 2017 में सुझाए गए कई सुझावों पर बड़ी संख्या में राज्यों ने महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की है।’’
  • ब्रैप 2017 के तहत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को संयुक्त अंक प्रदान किए गए।
  • इन संयुक्त अंकों का आधार दो तरह के अंक ‘सुधार साक्ष्य अंक’ और ‘प्रतिपुष्टि अंक’ हैं।
  • सुधार साक्ष्य अंक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों पर आधारित हैं, जबकि प्रतिपुष्टि अंक कारोबारियों को दी जाने वाली सेवाओं के वास्तविक उपयोक्ताओं से जुटाई गई प्रतिक्रिया के आधार पर तय किए गए हैं।

    Science& Tech.


    CHINA SUCCESSFULLY LAUNCHED TWO REMOTE-SENSING SATELLITES FOR PAKISTAN

    China on Monday successfully launched two remote sensing satellites for Pakistan, marking the first international commercial launch for the Long March-2C rocket in about 19 years. The satellites — PRSS-1 and PakTES-1A  were launched from the Jiuquan Satellite Launch Centre in northwest China at 11:56 am. The PRSS-1 is China’s first optical remote sensing satellite sold to Pakistan. It is the 17th satellite developed by the China Academy of Space Technology (CAST) for an overseas buyer. A scientific experiment satellite, PakTES-1A, developed by Pakistan, was sent into orbit via the same rocket. After entering orbit, the PRSS-1 is in good condition with its solar panels unfolded smoothly, according to the CAST.

    The PRSS-1 will be used for land and resources surveying, monitoring of natural disasters, agriculture research, urban construction and providing remote sensing information for the Belt and Road region. The satellite, which has a designed life of seven years, is equipped with two panchromatic/multispectral cameras, with a resolution up to a meter and a coverage range of 60 km.


    विज्ञानं एवं प्रद्योगिकी


    चीन ने पाकिस्‍तान के लिए दो रिमोट सेंसिंग उपग्रहों को सफलतापूर्वक लॉन्‍च किया

    चीन ने लॉन्ग मार्च-2सी रॉकेट से दो उपग्रह लॉन्च किए हैं. तकरीबन 19 साल के दौरान ‘लॉन्ग मार्च-2 सी’ रॉकेट का यह पहला अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक प्रक्षेपण है. चीन और पाकिस्तान की दोस्ती पिछले कुछ समय में बढ़ी है और दोनों के ही संबंध भारत से ठीक नहीं हैं. ऐसे में चीन का अंतरिक्ष के क्षेत्र में पाकिस्तान का साथ देना भारत की चिंता बढ़ा सकता है. चीन और पाकिस्तान का इरादा इसके जरिए भारत की गतिविधियों पर नज़र बनाए रखना भी हो सकता है.

    पीआरएसएस-1 पाकिस्तान को बेचा गया चीन का पहला ऑप्टिकल रिमोट सेंसिंग उपग्रह है और किसी विदेशी ग्राहक के लिए चाइना एकेडमी ऑफ स्पेस टेक्नोलॉजी (सीएएसटी) द्वारा विकसित 17वां उपग्रह है. पाकिस्तान द्वारा विकसित एक वैज्ञानिक प्रयोग उपग्रह, पाकटीईएस-1 ए को प्रक्षेपण केंद्र से सुबह 11.56 बजे लॉन्ग मार्च रॉकेट द्वारा कक्षा में भेजा गया. अगस्त 2011 में एक संचार उपग्रह पाकसैट-1आर के लॉन्च होने के बाद यह चीन और पाकिस्तान के बीच दूसरा अंतरिक्ष सहयोग है. पीआरएसएस-1 का उपयोग भूमि और संसाधन के सर्वेक्षण, प्राकृतिक आपदाओं की निगरानी, कृषि अनुसंधान, शहरी निर्माण और बेल्ट एंड रोड क्षेत्र के दूरस्थ संवेदन जानकारी हासिल करने के लिए किया जाएगा.

     

August 18, 2018

0 responses on "Daily Current Affairs"

Leave a Message

Your email address will not be published. Required fields are marked *

facebook

Twitter

top
X