Daily Current Affairs

Appointment


NARASIMHA REDDY

The union cabinet has approved the appointment of Rtd. Justice L. Narasimha Reddy (former chief Justice Patna HC) as the Chairman of the Central Administrative Tribunal (CAT). Justice Reddy served as the Chief Justice of Patna High Court from 2nd January to 31st July 2015. He was the one-man judicial commission appointed by the Centre to look into the implementation of One Rank One Pension (OROP) scheme.


नियुक्ति


एल. नरसिम्‍हा रेड्डी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केंद्रीय प्रशासनिक न्‍यायाधिकरण (सी.ए.टी) के अध्यक्ष के रूप में न्यायमूर्ति एल. नरसिम्हा रेड्डी (पटना हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश) की नियुक्‍ति को मंजूरी दी। न्यायमूर्ति रेड्डी ने 2 जनवरी से 31 जुलाई, 2015 तक पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्य किया। वह वन रैंक वन पेंशन (ओ.आर.ओ.पी) योजना के कार्यान्वयन के अवलोकन हेतु केंद्र द्वारा नियुक्‍त न्यायिक आयोग के व्‍यक्‍तियों में से एक थे।


National


ICAT RELEASES FIRST BS-VI ENGINE CERTIFICATE

ICAT has completed the first BS-VI certification for a heavy duty engine model for M/s Volvo Eicher Commercial Vehicle Limited. The engine has been developed and manufactured indigenously by Volvo Eicher in India. The successful completion of the compliance test of the engine, much ahead of the implementation date of 1 April, 2020, gives sufficient time for product stabilization in terms of making it more robust and cost competitive for the end consumers. The pro-active approach from the Government of India has made the country leapfrog from the conventional BS-IV to directly adopt BS-VI emission norms as the next level for regulatory framework in India.

The BS-VI emission standards are much more elaborate in their scope and integrate substantial changes to existing emission standards ensuring cleaner products to the consumer. Besides the more stringent limits on the gaseous emission components, the particulate matter (PM) limits have also been significantly reduced along with the introduction of particle number (PN) limits. The International Centre for Automotive Technology (ICAT) is a division of NATRiP implementation society (NATIS), under the administrative control of Ministry of Heavy Industries & Public Enterprises, Government of India.ICAT is one of the prime testing agencies recognized by the Government of India as one of the accredited ‘Type Approval and Homologation’ agencies in India under Central Motor Vehicle Rules (CMVR).


राष्ट्रिय


आईसीएटी ने प्रथम बीएस-VI इंजन प्रमाण पत्र जारी किया

आईसीएटी ने मेसर्स वोल्‍वो आयशर कमर्शियल व्‍हीकल लिमिटेड के लिए भारी-भरकम इंजन मॉडल हेतु प्रथम बीएस-VI प्रमाणन का कार्य पूरा कर लिया है। इस इंजन का निर्माण एवं विकास वोल्‍वो आयशर द्वारा भारत में ही किया गया है। 01 अप्रैल, 2020 की क्रियान्‍वयन तिथि से काफी पहले ही इंजन के अनुपालन परीक्षण के सफलतापूर्वक पूरा हो जाने से इसे अंतिम उपभोक्‍ताओं के लिए और ज्‍यादा मजबूत एवं किफायती बनाने की दृष्टि से उत्‍पाद स्थिरीकरण के लिए पर्याप्‍त समय मिल जाएगा। भारत सरकार के अत्‍यंत सक्रिय रुख से देश के लिए पारंपरिक बीएस-IV के स्‍थान पर भारत में नियामकीय रूपरेखा के अगले स्‍तर के रूप में सीधे बीएस-VI उत्‍सर्जन मानकों को अपनाना संभव हो गया है।

बीएस-VI उत्‍सर्जन मानक अपने दायरे की दृष्टि से काफी व्‍यापक हैं और ये मौजूदा उत्‍सर्जन मानकों में व्‍यापक बदलावों को एकीकृत करते हैं, जिससे उपभोक्‍ताओं के लिए ज्‍यादा स्‍वच्‍छ उत्‍पाद पेश करना अब संभव हो गया है। अंतर्राष्‍ट्रीय ऑटोमोटिव प्रौद्योगिकी केन्‍द्र (आईसीएटी) भारत सरकार के भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम मंत्रालय के प्रशासकीय नियंत्रण वाली नैट्रिप क्रियान्‍वयन सोसायटी (नैटिस) का एक प्रभाग है।आईसीएटी भारत सरकार से मान्‍यता प्राप्‍त एक प्रमुख परीक्षण एजेंसी है। यह केन्‍द्रीय मोटर वाहन नियमों (सीएमवीआर) के तहत भारत में एक मान्‍यता प्राप्‍त ‘टाइप अप्रूवल एंड होमोलोगेशन’ एजेंसी के रूप में है।


Trade& Economy


CABINET APPROVES THE INCREASE OF MSP FOR 14 KHARIF CROPS

The Centre hiked on Wednesday the minimum support price (MSP) of 14 kharif (summer sown) crops for the 2018-19 marketing season, syncing it with BJP’s 2014 poll promise to provide farmers a profit margin of at least 50% over their cost of production for all the notified crops across the country. Seven of these 14 crops have reported hikes of nearly 20% or more as compared to the MSP of these crops in 2017-18. The most popular kharif crop, paddy, has, however, got a hike of nearly 13% (from Rs 1,550 per quintal in 2017-18 to Rs 1,750 per quintal in 2018-19).

The MSP of cotton (medium staple) has been increased to Rs 5,150 from Rs 4,020 and that of cotton (long staple) to Rs 5,450 from 4,320 per quintal. In pulses, tur MSP has been raised to Rs 5,675 per quintal from Rs 5,450, and that of moong to Rs 6,975 per quintal from Rs 5,575. Urad MSP has been hiked to Rs 5,600 from Rs 5,400 per quintal. Hike in paddy MSP will increase the food subsidy bill by over Rs 11,000 crore based on procurement figure of the 2016-17 marketing year.The MSP decided in Wednesday’s meeting will largely apply to paddy and pulses but will benefit ‘nutri-cereals’ like millets the most. The added cost of MSP is 0.2 percent of GDP, according to the cabinet note. The share of paddy in the additional outgo will be around Rs 12,300 crore.


व्यापार एवं अर्थव्यवस्था


मंत्रिमंडल ने 14 खरीफ फसलों के लिए एम.एस.पी में वृद्धि को मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को 2018-19 के लिए खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है.खरीफ फसलों पर एमएसपी बढ़ाने का फैसला सरकार की बजट की घोषणा के अनुरूप है. सरकार ने बजट में किसानों को उनकी फसलों का भाव उत्पादन लागत का डेढ़ गुना करने की घोषणा की थी. धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 200 रुपये बढ़ाकर 1,750 रुपये क्विंटल कर दिया गया है, जबकि ए ग्रेड धान पर 160 रुपये का इजाफा किया गया है।10 साल बाद खरीफ फसल में इतनी बड़ी वृद्धि की गई है। इससे पहले 2008-09 में यूपीए सरकार ने 155 रुपये की वृद्धि की थी। यह कदम बजट में किसानों को उनकी उपज लागत का कम से कम 1.5 गुना मिलना सुनिश्चित करने की घोषणा के अनुरूप है।

14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में अधिकतम वृद्धि रागी में हुई है। इसका एमएसपी 900 रुपये बढ़ाकर 2,700 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। मक्के के समर्थन मूल्य को 1425 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 1700 रुपये किया गया। मूंग की एमएसपी को 5575 रुपये से बढ़ाकर 6975 रुपये प्रति क्विंटल किया गया। उड़द के न्यूनतम समर्थन मूल्य को 5400 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 5600 रुपये किया गया। बाजरे की एमएसपी को 1425 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 1950 रुपये किया गया। कपास के लिए किसानों को अभी तक 4,020 रुपये प्रति 100 किलोग्राम मिल रहा था अब इसे बढ़ाकर 5,150 रुपये किया गया है। लंबे रेशे वाले कपास का मूल्य 4,320 रुपये से बढ़ाकर 5,450 किया गया है। इस वृद्धि से सरकार के खजाने पर 33,500 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। बढ़े हुए एमएसपी का मूल्य जीडीपी के 0.2 फीसदी है। अतिरिक्त खर्च में धान की हिस्सेदारी 12,300 करोड़ रुपये है।

 

August 18, 2018

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